Homeगोरखपुर न्यूज़गोरखपुर पर्यटक स्थल : गोरखपुर में घुमने के लिए स्थान

गोरखपुर पर्यटक स्थल : गोरखपुर में घुमने के लिए स्थान

गोरखपुर पर्यटक स्थल: गोरखपुर उत्तर प्रदेश का एक जिला है अगर आप गोरखपुर घुमने के लिए पर्यटन एंड दर्शनीय स्थल के बारे में जानकारी चाहते है तो आपको आज के आर्टिकल में हम इसी की जानकारी देने वाले है

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी है जोकि उत्तर प्रदेश के गोरखपुर गोरखनाथ मठ के पुजारी भी है अगर आप गोरखपुर घुमने आ रहे है तो आपको गोरखपुर गोरखनाथ मंदिर घुमने जाना जरुर चाहिए क्योकि गोरखनाथ मंदिर गोरखपुर का मुख्य आकर्षक केंद्र है इसके अलावा गोरखपुर में प्रसिद्ध स्थान विष्णु मंदिर, गीता वटिका, गीता प्रेस, चौरीचौरा शहीद स्मारक इत्यादि भी मौजूद है

अन्य देखने और घुमने के स्थान आरोग्य मंदिर,  इमामबाड़ा, रामगढ़ ताल, पुरातात्विक बौद्ध संग्रहालय,  नक्षत्रशाला आदि पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

गोरखपुर में कुछ सुन्दर पार्क भी मौजूद है जहाँ पर बच्चे से लेकर बड़े लोग घूमना पसंद करते है कुछ गोरखपुर के पार्क के नाम पार्क  :- गोरखपुर में अनेक सुंदर और मनोहारी पार्क हैं जहां पर पर्यटक खासकर बच्चे जाना  पसंद करते हैं जैसे वाटर पार्क – नीर निकुंज, इंदिरा बाल विहार , कुसुम्ही विनोद वन, प्रेमचंद पार्क, सरकारी वी -पार्क, नेहरू मनोरंजन पार्क, रेल संग्रहालय, पं. दीन दयाल उपाध्याय पार्क आदि

गोरखपुर पर्यटक स्थल की जानकारी

गोरखपुर के मुख्य घुमने वाले स्थान के बारे में जानकारी देने जा रहे है तो जोकि निम्नवत है :

गोरखनाथ मंदिर

गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर एक प्रमुख तीर्थ स्थल है गोरखनाथ मंदिर बहुत ही गोरखपुर का लोकप्रिय मंदिर है यह मंदिर गोरखपुर रेलवे स्टेशन से करीब 4 किमी दूर नेपाल रोड पर स्थित है इस मंदिर में मेला का आयोजन हर साल मकर संक्रांति के रूप में 14 जनवरी से शुरू होता है

विष्णु मंदिर

विष्णु मंदिर की उत्पत्ति 12 वी शताब्दी में हुई थी इसकी स्थापना पाल राजवंश द्वारा किया गया था विष्णु मंदिर के चारो कोनो में देवता जगन्नाथपुरी, बद्रीनाथ, रामेश्वरम और द्वारिका की मूर्ति बनायीं गई है इस मंदिर में भगवान विष्णु की काले पत्थर पर नक्कासी करके एक बड़ी मूर्ति बना हुआ है हर साल इस मंदिर में दशहरा पर रामलीला का आयोजन किया जाता है जिसका लुत्फ़ लेने दूर दूर से श्रद्धालु आते है यह मंदिर गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज रोड पर स्थित है जोकि रेलवे स्टेशन से काफी नजदीक है

गीता वाटिका

गीता वाटिका गोरखपुर रेलवे स्टेशन से करीब 3 किमी दूर पिपराइच रोड पर स्थित है गोरखपुर में शायद यह एक मात्र ऐसा स्थान है जहाँ देवी ‘राधा’ और भगवान श्री कृष्ण के दिव्य प्रेम के लिया प्राथना की जाती है इस मंदिर में सबसे ज्यादा आकर्षित करने वाला राधा और कृष्ण मंदिर है गीता वटिका का निर्माण धार्मिक पत्रिका “कल्याण” के संस्थापक संपादक श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार ने किया था कैंपस में 24 घंटे हरे राम हरे कृष्ण का मंत्र 1968 में शुरू हुआ और आज भी दिन और रात बिना किसी व्यवधान के जारी है।

आरोग्य मंदिर

आरोग्य मंदिर गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज रोड पर स्थित है इसकी स्थापना 1940 में बिटठल दास मोदी द्वारा किया गया था इस मंदिर में प्राक्रतिक इलाज किया जाता है जैसे धुप हवा पानी से

इस मंदिर में प्राकृतिक इलाज के अलावा यहाँ मंदिर का हरा भरा परिसर भी देखने को मिलता है जो काफी सुन्दर नजर आता है

इमामबाड़ा

इमामबाड़ा का निर्माण 1717 ई0 में हाजरत संत रोशन अली शाह द्वारा किया गया था यहाँ हर साल मुहर्रम में सोना चांदी का दरवाजा खुलता है जिसे देखने के लिए दूर दूर से भक्तजन आते है यहाँ सूफी संत मृत्यु के बाद एक धुनी (धुआं आग) लगातार बनाए रखा जाता है।

रेल म्यूजियम

रेल म्यूजियम गोरखपुर रेलवे स्टेडियम के पास स्थित है यह म्यूजियम सोमवार को बंद रहता है तो आप यहाँ सोमवार को छोड़कर किसी भी दिन घुमने जा सकते है इस म्यूजियम में एक बढ़िया पार्क है साथ ही खाने पीने के लिए रेस्टो है यहाँ पर बच्चो के घुमने के लिए बहुत कुछ है और बच्चो को आकर्षित करने वाले टॉय ट्रेन भी मौजूद है

रामगढ ताल

रामगढ़ ताल 1700 एकड़ में फैली एक विशाल और प्राकृतिक झील है। इसकी सुंदरता व वातावरण को देखने सुबह व शाम युवाओं की भीड़ लगी रहती है , इसके सुन्दरीकरण का कार्य चल रहा है जिसमे मल्टीमीडिया सतरंगी फाउन्टेंन, बोट राइडिंग शामिल है

गोरखपुर पर्यटक स्थल
रेल म्यूजियम गोरखपुर

विंध्यवासिनी पार्क

अगर आप शांत और हरा भरा माहोल चाहते है तो यह जरुरत आपकी विंध्यवासिनी पार्क पूरी कर सकती है इस पार्क में बच्चो के खेलने के लिया बनाया गया है साथ ही यहाँ पर घुमने के लिए भी पर्यटक आते है इस पार्क में कई तरह की फिल्म शूटिंग होती रहती है इस पार्क को वी पार्क के नाम से भी जाना जाता है

वी पार्क गोरखपुर विडिओ
लोकप्रिय लेख

यह भी देखे