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रोजा रखने खोलने की दुआ Roza Rakhne or Kholne ki Dua in Hindi

रोजा रखने खोलने की दुआ Roza Rakhne or Kholne ki Dua in Hindi : रमजान मुबारक का महीना आ चुका है ऐसे में मुसलमान यानी इस्लाम के मानने वाले पुरे एक साल के लिए रोजा रहते है रमजान एक पवित्र महिना है इस महीने में रोजा रहने के साथ साथ नमाज भी पढ़ते है लेकिन रमजान महीने में एक और नमाज तरावीह की पढ़ी जाती है तरावीह की नमाज़ पढने का तरीका क्या है? इसके बारे में हमने पहले ही बताया था आज के लेख में रोजा रखने खोलने की दुआ हिंदी, उर्दू में मतलब सेहरीकी दुआ हिंदी में (sehri ki dua in hindi) फोटो के साथ एंव इफ्तार की दुआ हिंदी उर्दू में (iftar ki dua in hindi) बता रहे है

यह पढ़े: रमजान इफ्तार सेहरी टाइम टेबल 2022

रमजान क्यों मनाया जाता है रमजान की सच्चाई

इस्लाम में रमजान के महीने को पाक महिन महीना मन जाता है भारत सहित पूरी दुनिया के मुसलमान समुदाय द्वारा अल्लाह की दी हुई हर नेय्मत के लिए अल्लाह का शुक्र अदा किया जाता है ऐसे में आज के इस लेख में हम जानेगे इबादत का महीना रमजान क्यों मनाया जाता है और रमजान पाक की शुरुवात कब और कैसे हुई?

  • रमजान इस्लामिक कैलेण्डर का ९वा महीना है यह महीना कभी २९ दिन तो कभी ३० दिन का होता है
  • रमजान शब्द एक अरबी शब्द है रमजान का अर्थ मतलब होता है चिलचिलाती गर्मी एंव सूखापन
  • इस्लामिक मान्यता के अनुसार इस महीने के २७वे तारीख को मोहम्मद साहब (सल्ललाहु अलैहि व सल्लम) पर कुरआन शरीफ नाजिल हुई थी और इसलिए रमजान में कुरआन शरीफ को पढना सवाब का काम माना जाता है
  • रमजान के महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग उपवास रखते है जिसे फ़ारसी में रोजा कहा जाता है
  • रमजान का रोजा सूर्य उगने से पहले थोड़ा भोजन किया जाता है जिसे अरबी में सेहरी कहा जाता है
  • रमजान का रोजा सूर्य ढलने के बाद ख़त्म किया जाता है जिसे इफ्तार के नाम से जाना जाता है
  • सेहरी एंव इफ्तार के बीच में, मुस्लिम समुदाय के लोग न कुछ खाते है न ही कुछ पीते है रोजेदार रोजे को पानी एंव खजूर खा कर तोड़ना अच्छा मानते है
  • खजूर अल्लाह के नबी(सल्ललाहु अलैहि व सल्लम) को काफी पसंद था इसलिए यह परम्परा आज भी निभाया जा रहा है
  • रमजान का महीना ईद के चाँद के साथ समाप्त होता है और फिर शुरुवात होती है ईद उल फित्र या मीठी ईद की

रोजा रखने खोलने की दुआ अरबी, हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी में

रोजा रखने की दुआ हिंदी अंग्रेजी अरबी उर्दूसेहरी की दुआ हिंदी में
रोजा रखने की दुआ अरबी मेंوَبِصَوْمِ غَدٍ نَّوَيْتُ مِنْ شَهْرِ رَمَضَانَ
रोजा रखने की दुआ हिंदी मेंव बि सोमि गदिन नवई तु मिन शहरि रमजान
रोजा रखने की दुआ अंग्रेजी मेंWa bisawmi ghadinn nawaiytu min shahri ramadan
रोजा रखने की दुआ उर्दू मेंوَبِصَوْمِ غَدٍ نَّوَيْتُ مِنْ شَهْرِ رَمَضَانَ
रोजा रखने की दुआ हिंदी में
रोजा खोलने की दुआ हिंदी अंग्रेजी अरबी उर्दूइफ्तार की दुआ हिंदी में
रोजा खोलने की दुआ अरबी में“اَللّٰھُمَّ لَکَ صُمْتُ وَعَلٰ رِزْقِکَ اَفْطَرْتُ”
रोजा खोलने की दुआ हिंदी मेंअल्लाहुम्म लका सुम्तु व अला रिज़क़िका अफतरत
रोजा खोलने की दुआ अंग्रेजी मेंAllahumma inni laka sumtu wa bika aamantu wa ‘alayka tawakkaltu wa ‘ala rizq-ika aftarthu
रोजा खोलने की दुआ उर्दू में“اَللّٰھُمَّ لَکَ صُمْتُ وَعَلٰ رِزْقِکَ اَفْطَرْتُ”
रोजा खोलने की दुआ हिंदी में

सेहरी एंव इफ्तार का अर्थ मतलब हिंदी में जाने

  • सेहरीका अर्थ मतलब इस्लाम के अनुसार रमजान महीने में रोजा रखने से पहले सहरी यानि हल्का भीजना (खाना खाना) करते है जो सुबह करीबन 4:30 बजे पर होता है सहरी सुबह के अजान नमाज -ए- फजर से पहले किया जाता है
  • इफ्तार का अर्थ मतलब हिंदी में होता है “दिन भर के रोज़े अर्थात उपवास के बाद शाम का खाना, रोज़ा खोलना” इस्लाम समुदाय के लोग रमजान महीने में रोजा रहते है इसके लिए पहले सेहरी सूरज निकलने से पहले करते है उसके बाद शाम को मगरिब की नमाज के समय इफ्तार करते है मतलब शाम का खाना खाना, रोजा खोलना

रोजा रखने की नियत हिंदी में (रोजा रखने खोलने की दुआ)

roza ki niyat hindi: रमजान का रोजा रखने से पहले रोजा रखने की नियत की जाती है अगर आप जानना चाहते है रोजा रखने की नियत कैसे की जाती है? रोजा रखने की दुआ इत्यादि जाने

  • रमजान का रोजा रखने से पहले रोजा की नियत करना बेहद जरुरी होता है क्योकि रोजा का नियत नहीं करते है ऐसे में रोजा रखना बेकार जाएगा इसलिए रोजा रखने की नियत जरुर करे
  • सेहरी खाने के लिए जागना एंव सेहरी करना रोजे की नियत के अंतर्गत आते है
  • अगर रोजे की नियत जुबान से बोलकर किया जाए तो यह ज्यादा बेहतर माना जाता है
  • रोजा की नियत क्या हर एक रोजा रखने के लिए किया जाता है? यह एक मसला है क्योकि बहुत से लोग मानते है हर दिन नियत करना चाहिए एंव कुछ का 30 रोजे का एक ही बारे में नियत किया जा सकता है
  • ऐसे में आपको हर एक रोजा रखने से पहले प्रतिदिन रोजा की नियत करना चाहिए
  • रोजा की नियत ऐसे करे आज “अल्लाह पाक आज मैंने रोजा रखने की नियत किया” ऐसे में अल्लाह पाक जो बहुत बड़ा है आपके रोजा को इंशाल्लाह फरमाए
  • अगर आपको अरबी में रोजा की दुआ याद नहीं है ऐसे में आप इस तरह से अल्लाह पाक से रोजे की नियत की दुआ कर सकते है

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