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कुर्बानी का तरीका Qurbani Ka Tarika Aur Dua IN HINDI

कुर्बानी का तरीका Qurbani Ka Tarika Aur Dua IN HINDI कुर्बानी का मतलब क्या है कुर्बानी की दुआ हिंदी में लिखी हुई qurbani ki dua in arabic कुर्बानी के बाद की दुआ

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कुर्बानी का तरीका Qurbani Ka Tarika Aur Dua IN HINDI: इस्लाम में किसी भी जानवर को जिबह यानी कुर्बानी देने का एक ख़ास तरीका है अगर इसके बिना किसी जानवर को जिबह किया गया तो वह जानवर खाने के लायक नहीं होगा यानी हलाल नहीं होगा कुर्बानी का सही तरीका क्या है आइयें जाने

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ईद उल अजहा जिसे भारत में बकरीद के नाम से भी जाना जाता है ईद उल अजहा के दिन इस्लाम के मानने वाले कुर्बानी जानवर की देते है आसान शब्दों में कहे तो कुर्बानी किसी जानवर पर कुर्बानी की दुआ पढ़कर जिबह करना ही कुर्बानी के नाम से जाना जाता है ईद उल अजहा पर मुख्य इन जानवर की कुर्बानी दी जाती है – दुंबा/बकरा/भेड़/ऊंट/भैस इत्यादि

कुर्बानी का तरीका

  • कुर्बानी का तरीका यूँ है कि-
  • सबसे पहले कुर्बानी के जानवर को जिबह करने से पहले दुआ पढ़े
  • जिबह जानवर को यानी कुर्बानी के जानवर को यूँ लिटाए –
  • जानवर का सिर बाएं तरफ हो
  • और पूरा जिस्म आपके दाएं तरफ़ हो
  • कुर्बानी के जानवर का चहरा किबले की तरफ़ हो
  • इसके बाद कुर्बानी की दुआ पढ़े –
  • और कुर्बानी के जानवर को जिबह करें
  • कुर्बानी की दुआ हिंदी में लिखी हुई –
  • इन्नी वज्जह्तु वज्हिया लिल्लज़ी फ़तरस्समावाति वल अरज़ अला मिल्लति
  • इब्राहीमा हनीफ़ंव वमा अना मिनल मुश्रिकीन
  • िन्नासलाती व नुसुकी व महयाया व ममाती लिल्लाहि रब्बिल आलमीन लाशरीका
  • लहू वबि ज़ालिक उमिर्तु वअना मिनल मुस्लिमीन @ अल्लाहुम्मा मिनका वलका अन ० बिस्मिल्लाह वल्लाहू अकबर।
  • कुर्बानी के बाद की दुआ –
  • अल्लाहुम्म तक़ब्बल मिन्नी/मिन फलां
  • कमा तक़ब्बल्त मिन् ख़लीलिक इब्राहीम अ़लैहिस्सलाम
  • व हबीबिक मुहम्मदिन सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम
  • महत्वपूर्ण : कुर्बानी खुद के लिए है तो मिन्नी केवल कहे
  • अगर क़ुरबानी किसी और के लिए कर रहे हो तो मिन फला कहे
  • यानि उस इंसान का नाम ले मिन फला के बाद जिसके लिए क़ुरबानी की गई हो

कुर्बानी की दुआ अरबी में

إِنِّي وَجَّهْتُ وَجْهِيَ لِلَّذِي فَطَرَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ حَنِيفًا وَمَا أَنَا مِنَ الْمُشْرِكِينَ إِنَّ صَلَاتِي وَنُسُكِي وَمَحْيَايَ وَمَمَاتِي لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ لَا شَرِيكَ لَهُ وَبِذَلِكَ أُمِرْتُ وَأَنَا أَوَّلُ الْمُسْلِمِينَ، بِسْمِ الله الله أَكْبَرُ।

तर्जुमा कुर्बानी दुआ – मैंने उस ज़ात की तरफ़ अपना रुख मोड़ा जिसने आसमानों को और जमीनों को पैदा किया, इस हाल में में इब्राहीम में हनीफ़ के दीन पर हूं और मुश्रिको में से नहीं हूँ। बेशक मेरी नमाज़ और मेरी इबादत और मेरा मरना और जीना सब अल्लाह के लिए है जो रब्बुल आलमीन है जिसका कोई शरीक नहीं और मुझे इसी का हुक्म दिया गया है और मैं फरमाबरदारों में से हूं। ऐ अल्लाह, यह कुर्बानी तेरी तौफ़ीक़ से है और तेरे लिए है।

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Qurbani ki Dua in Roman English

Inni waz jahtu wajahi ya lillazi fa ta rassamawati wal arz hanifauv wa ma ana minal mushriqi na in na salaati wa nusuki wa mahya ya wa mamaati lillahi rabbil aalmin। La shariq lahu wa bizali ka uriratu wa ana minal muslimin। Allahumma ma la ka wa min ka bismillahi Allahu Akbar

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कुर्बानी का तरीका क्या है

इस्लाम में कुर्बानी का सिलसिला कैसे शुरू हुआ इसके बारें में एक वाकया बहुत ही मशहूर है अल्लाह ताला के प्यारे नबी हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की सुन्नत है इसलिए कुर्बानी की जाती है पूरा वाकया पढ़ने के लिए क्लिक करें

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