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मोहर्रम में फातिहा करने का तरीका Fatiha ka Tarika

मोहर्रम में फातिहा करने का तरीका Muharram Me Fatiha ka Tarika muharram ka fatiha ka tarika muharram ki fatiha in hindi इन हिंदी फातिहा का तरीका

मोहर्रम में फातिहा

इस्लाम धर्म में मुहर्रम का महीना बहुत ख़ास होता है बहुत से मुस्लिम भाई मोहर्रम में फातिहा का तरीका जानना चाहते है ऐसे में आज मुहर्रम में फातिहा कैसे दे आज हम आपको आसान तरीका बताने जा रहे है मुहर्रम का महिना बहुत ही पाक और फजीलत वाला महीना होता है ऐसे में बहुत से मुहर्रम के पाक महीने में फातिहा कैसे दे इंशाअल्लाह आप सीख सकते है आज हम उनके लिए फातिहा का तरीका बता रहे है जिनको बिलकुल भी फातिहा का तरीका नहीं पता है चलिए जाने मोहर्रम में फातिहा करने का तरीका Muharram Me Fatiha ka Tarika

मोहर्रम में फातिहा करने का तरीका

मुहर्रम में फातिहा देने के लिए आपको कुछ सुरह आयत और दुआ पढने की जरुरत होती है ऐसे में आपको बता दे अगर आपको फातिहा देना है तो आप निम्नवत सुरह को पढ़े इंशाअल्लाह आपकी फातिहा मुकम्मल हो जायेगी:-

  1. सुरह काफिरून 2) सुरह इख्लाश 3) सुरह फलक 4) सुरह नाश 5) सुरह फातिहा 6) सुरह बकरा 7) अंत में दुआ पढ़े

Muharram Me Fatiha ka Tarika

अगर आप ऊपर बताये गए सुरह दुआ आयत को पढ़कर फातिहा दे रहे है तो आपकी फातिहा मुकम्मल हो जाती है अब आगे जाने कैसे पढना है या कैसे करना है (Muharram Me Fatiha ka Tarika)

  • सबसे पहले दरूद पाक पढ़े उसके बाद एक मर्तबा सुरह काफिरून पढना चाहिए
  • अब आपको सुरह इख्लाश तीन मर्तबा पढना चाहिए
  • सुरह इख्लाश पढने के बाद आपको सुरह फलक एक मर्तबा पढना चाहिए
  • अब आपको सुरह नास एक मर्तबा पढना है
  • सुरह, सुरह फातिहा एक मर्तब पढना है उसके बाद आपको सुरह बकरा पढना है ( सुरह बकरा की 5 से आयत शुरू से पढ़े)
  • सभी सुरह पढने के बाद दुआ पढ़े इसके बाद दुआ मांगे

मोहर्रम में फातिहा की दुआ

आपको जितना बताया गया उतना पढने के बाद आप अल्लाह पाक से दुआ करे इंशाअल्लाह अल्लाह पाक आपकी दुआ कबुल कर लेगा या फिर आप इसाले सवाब जिस किसी को पहुचाना चाहते है जैस अपने बुजुर्गो तक, अपने अजीज लोगो पर या फिर हजरत इमाम हुसैन (रजी०) की मुहब्बत में तो इस तरह मोहर्रम में फातिहा पढ़ ले इंशाअल्लाह अल्लाह पाक कबुल फरमाएगा

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फातिहा की दुआ

दुआ में आप यही कहे “या अल्लाह जो मैंने सूरते पढ़ी है उसमे कोई भी गलती हुई हो जान बुझ कर हुई हो या धोखे में हुई हो अल्लाह पाक उस गलती को मेरे मांफ फरमा और इसका सवाब कबुल फरमा ले

अब आपको कहना है “इसका सवाब सबसे पहले हम आके कायनात जाने आलमीन मुहम्मद (सल्लाहु अलैहि सल्ल्लम ) की बारगाह में पेश करते है मौला कबुल फरमा” उसके बाद कहे: ” या अल्लाह उनके तरफ से इस फातिहाखानी का सवाब कुन मोमिन कुन मोमिनात वल मुस्लिमीन वल मुस्लिमात” इस तरह से मोहर्रम में फातिहा कर सकते है अधिक जानकारी के लिए विडिओ देखे

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