Homeहिन्दू धर्मकुंडली में दो विवाह योग Kundali me do vivah ke Yog in...

कुंडली में दो विवाह योग Kundali me do vivah ke Yog in Hindi

कुंडली में दो विवाह योग Kundali me do vivah ke Yog in Hindi: जन्म कुंडली व्यक्ति के सभी राज खोल सकती है ऐसे ही अगर किसी के जन्म कुंडली में दो विवाह योग हो उसे भी बहुत ही आसानी से पता लगाया जा सकता है तो आइये जाने कही आपके जन्म ( Janm Kundali) में दो विवाह योग तो नहीं बना रहा

जन्म कुंडली क्या होता है

जन्मपत्री को जन्मकुंडली भी कहा जाता है इस जन्मकुंडली में आकाश का नक्शा बना हुआ होता है यह नक्शा उस समय बनाया जाता है जब कोई बच्चा या बच्ची जन्म लेती है कुंडली ग्रह को देखकर बनाया जाता है जब बच्चा का इस दुनिया में जन्म होता है उस समय आकाश में कौन सा ग्रह कहा पर है यह सब देखने के बाद जन्म कुंडली बनाया जाता है

एक जन्मकुंडली में नौ ग्रह एंव 12 राशियों को दर्शया जाता है क्योकि मनुष्य के जीवन में ग्रह एंव राशिया ही अच्छे एंव बुरे प्रभाव डालती है

एक जन्म कुंडली को देखकर यह भी बताया जा सकता है कि व्यक्ति के जीवन में दो विवाह योग है या नहीं ऐसे बहुत से लोग जानकारी चाहते है दो विवाह योग कुंडली क्या है आइये जाने

कुंडली में दो विवाह योग

Kundali me do vivah ke Yog in Hindi: अगर किसी व्यक्ति को दो विवाह योग का पता करना है ऐसे में जन्म कुंडली को देखना होगा आइये जाने जन्म कुंडली से दो विवाह योग रेखा कैसे देखें

  • जब जन्म कुंडली में सप्तम स्थान पर सूर्य के साथ शनि ग्रह नजर आता है
  • ऐसे में व्यक्ति के जीवन में दो विवाह या शादी का योग बनता है
  • जब सूर्य ग्रह के साथ राहू या फिर सूर्य के साथ केतू दिखाई दे तो ऐसे में दो विवाह योग बनता है
  • मंगल एंव राहू ग्रह का कुंडली के सप्तम स्थान पर होना दो विवाह के योग को दर्शाता है
  • जब शुक्र ग्रह के साथ कोई भी अन्य ग्रह जैसे: सूर्य, शनि, मंगल, राहू और केतू इत्यादि
  • एक दिखाई देता है ऐसे में व्यक्ति के जीवन में दो विवाह का योग बनता है

यह पढ़े:

Kundali me do vivah ke Yog in Hindi

  • अगर किसी व्यक्ति के जन्मकुंडली में सप्तम स्थान पर राहू है
  • ऐसे में शादी टूटने का ख़तरा बना होता है
  • क्योकि सप्तम स्थान पर राहू होने एक से अधिक विवाह रेखा या अफेयर दर्शाता है
  • सप्तम स्थान पर केतू अगर जन्म कुंडली में दिखाई दे
  • ऐसे में शादी टूटने का ख़तरा बना हुआ होता है
  • सप्तम स्थान पर केतू के दिखाई देने पर घर में कलश होने की संभावना बढ़ती है
  • कुंडली मे 7वे स्थान पर शनि दिखाई दे रहा हो
  • ऐसे में उस व्यक्ति को तीस वर्ष से पहले विवाह नहीं करना चाहिए
  • अगर इससे पहले शादी विवाह करते है जीवन में कई तरह की समस्या देखने को मिल सकती है
लोकप्रिय लेख

यह भी देखे