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हजरत अली का जीवन परिचय Hazrat Ali in Hindi

हजरत अली का जीवन परिचय Hazrat Ali Biography in Hindi: इस्लाम धर्म से ताल्लुक रखने वाले हजरत अली पैगम्बर मुहम्मद (स.) के चचाजाद भाई और दामाद थे। हजरत अली (रजी.) का इस्लाम धर्म में एक बढ़िया मुकाम हासिल है। आज हम हजरत अली (रजी.) का जीवन परिचय Hazrat Ali ki Biography, Hazrat ali ki history, Hazrat ali ki Talwar के बारे में चर्चा करने जा रहे है।

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मोहम्मद हजरत अली कौन थे? हजरत अली पैगम्बर मुहम्मद (स.) के चचाजाद भाई और दामाद थे। हजरत अली का जन्म जन्‍म 17 मार्च 600 (13 रज्जब 24 हिजरी पूर्व) मुसलमानों के तीर्थ स्थल काबा के अन्दर हुआ था। इस्लाम के अनुसार हजरत अली मुसलमानों के खलीफा भी थे।

हजरत अली का जीवन परिचय

इस्लाम धर्म के पैगम्बर मुहम्मद साहब (सल्ल.) के दामाद हजरत अली का जीवन परिचय (Hazrat Ali Biography in Hindi)

हजरत अली का जीवन परिचयHazrat Ali Biography in Hindi
हजरत अली का पूरा नामअली इब्न अबी तालिब, अरबी में (علي ابن أبي طالب)
हजरत अली का जन्म15 सितम्बर 601 (13 रजब 21 हिजरी पूर्व)
हजरत अली की मृत्यु29 जनवरी 661 (21 रमज़ान AH 40) (आयु 59 वर्ष)
हजरत अली के वालिद या पिता का नामअबू तालिब इब्न अब्दुल मुत्तलिब
हजरत अली के वालिदा या माता का नामफ़ातिमा बिन्त असद
हजरत अली का धर्मइस्लाम
हजरत अली की संतान या बच्चो के नामअल-हसन, अल-हुसैन, ज़ैनब, उम्म कुलसुम, मोहसिन, मुहम्मद, अब्बास, अब्दुल्ला, हिलाल, मुहम्मद, इब्न अबी बक्र(दत्त पुत्र)
हजरत अली की कब्रइमाम अली मस्जिद, नजफ़, इराक़
हजरत अली की बीवी या पत्नियों के नामफ़ातिमा, उम्मह बिन्त ज़ैनब, उम्म उल-बनीन, लैला बिन्त मसऊद, Asma bint Umays, Khawlah bint Ja’far, Al Sahba’ bint Rabi’ah
हजरत अली की कबीलाक़ुरैश (बनू हाशिम)
Hazrat Ali Biography in Hindi

हजरत अली की तलवार

हजरत अली की तलवार का नाम जुल्फिकार है। जल्फिकार तलवार से हजरत अली ने कई सारे जंगे की एंव सभी में जीत प्राप्त किया। हजरत अली की ताकत और तलवार दोनों का ही कोई जवाब नहीं। हजरत अली के पास जो तलवार जुल्फिकार थी। वह अपने समय की सबसे अलग तलवार थी, क्योकि जुल्फिकार तलवार पर दो नोक थी जिसमे जबरजस्त धार थी।

Hazrat Ali ki Talwar

Hazrat Ali ki Talwar ka Naam

  • हजरत अली की तलवार का नाम जुल्फिकार है। कहा जाता है (रिवायत) हजरत मुहम्मद साहब (सल्ल.) ने जंग के दौरान जुल्फिकार हजरत अली को दिया था।
  • जुल्फिकार तलवार के बारे में दूसरी रिवायत यह की अल्लाह के हुक्म से जिब्राइल (अल्लाह के फ़रिश्ते) ने प्यारे नबी मोहम्मद (स.अ.व.) को ये तलवार दी और उसके बाद आप ने हजरत अली को ये तलवार दी।
  • हजरत अली की शहादत के बाद भी जुल्फिकार तलवार आपके परिवार में ही थी इसके बाद हजरते इमाम हुसैन ने जुल्फिकार तलवार से कर्बला की जंग भी लड़ी एंव शहादत मिली।

हजरत अली से सम्बंधित

कर्बला की जंग हजरते इमाम हुसैन, हजरत अली की तलवार जुल्फिकार से ही किया था। जिसमे हजरते इमाम हुसैन की शहादत हुई। इसके बाद से हजरत अली की तलवार का कोई पता नहीं है, लेकिन रसूल अल्लाह की 9 में से 8 तलवारें, तोप कापी संग्रहालय में रखी हुई हैं और एक काहिरा मिस्र में है।

हजरत अली की मजार अफगानिस्तान की इमाम अली मस्जिद में है, जोकि नजफ़, इराक़ में स्थित है।

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