Homeइस्लामगुस्ल का तरीका दुआ हिंदी में Ghusal Ka Tarika Dua Hindi Me

गुस्ल का तरीका दुआ हिंदी में Ghusal Ka Tarika Dua Hindi Me

गुस्ल का तरीका की दुआ हिंदी में Ghusal Ka Tarika Ki Dua Hindi Me: नमाज पढ़ने से पहले गुस्ल एंव वजू करना बेहद जरुरी होता है वजू करने का तरीका पहले ही बताया गया है आज जाने गुस्ल करने का तरीका और गुस्ल की दुआ इन हिंदी उर्दू

गुस्ल या गुसल क्या होता है | Ghusl Kya Hota Hai

इस्लाम धर्म में गुसल का बहुत ही महत्त्व है गुस्ल एक अरबी शब्द है जिसका हिंदी में शाब्दिक अर्थ “नहाना” होता है मगर इस्लाम की शरीअत में नहाने का एक खास तरीका बताया गया है नहाने वक्त गुस्ल करना बेहद जरुरी है क्योंकि इसके बिना इंसान कितना भी बदन पर पानी डाले वह पाक साफ़ नहीं हो सकता है

गुस्ल का तरीका दुआ

ऐसे बहुत से लोग है जो गुसल या गुस्ल को लेकर कन्फुज रहते है इसलिए गुस्ल की दुआ की जानकारी इधर उधर से पता करने की कोशिश करते है जबकि गुसल या गुस्ल की कोई दुआ नहीं है गुस्ल के फराइज जो निम्नवत है:-

गुसल या गुस्ल के कितने फर्ज है | Gusl ke Farz Kitne Hai

गुसल या गुसल के तीन फराइज या फर्ज है जो निम्न है

  • कुल्ली करना
  • नाक में पानी डालना
  • सारे बदन पर पानी बहाना

गुसल या गुस्ल की सुन्नते | Ghusl Ki Sunnatain

  • गुसल या गुस्ल करने से पहले “बिस्मिल्लाह” पढ़ना
  • गुस्ल की नियत करना
  • दोनों हाथ को पहले गट्टों तक तीन बार धोना
  • शर्मगाह को गुस्ल या गुसल से पहले धोना उस पर निजासत हो या न हो
  • वुजू करना
  • तीन मर्तबा सर एंव तमाम बदन पर पानी बहाना
  • क़िबला या किब्ला की तरफ मुंह न करना
  • तमाम बदन पर पानी मल लेना ताकि हर जगह पानी अच्छी तरह से पहुँच जाएँ
  • ऐसी जगह नहाना जहाँ कोई न देखें
  • पानी की कमी या ज्याद्ती न करना
  • औरतों का बैठ कर नहाना
  • नहाते वक्त कोई बात न करना
  • कोई दुआ नहीं पढ़ना

गुस्ल का तरीका हिंदी में | Ghusal Ka Tarika Hindi Me

  • गुसल या गुस्ल का तरीका बहुत ही आसान है हिंदी में निम्नलिखित है
  • गुस्ल के लिए पहले दोनों हाथ गट्टे तक धोएं
  • उसके बाद जहाँ निजासत लगी हो धोएं
  • फिर इस्तिंजा की जगह को धोएं
  • इसके बाद “बिस्मिल्लाह” पढ़ कर “वुजू” करें
  • कुल्ली के साथ गरारह भी करें
  • रोजे से होने पर गरारह न करें केवल कुल्ली करें
  • नाक में नरम बांसे तक पानी ले जाएं
  • वुजू के बाद तमाम बदन पर थोडा पानी डालकर तेल की तरह चुपड़ ले
  • फिर दाहिने कंधे पर पहले एंव बाएं कंधे पर तीन तीन बार पानी बहाएं
  • इसके बाद तमाम बदन पर पानी बहायें
  • इसके बाद बदन को अच्छी तरह से मलें ताकि कोई जगह पानी पहुंचने से बाकी न रहें
  • खुली हुई जगह नंगा न नहाये
  • मर्द को नाफ से घुटने तक और औरत को गले से टखने तक छुपाना फर्ज है……..गुलजारे शरिअत

गुसल या गुस्ल की दुआ | Ghusal Ki Dua in Hindi

गुसल या गुस्ल करते समय कोई दुआ नहीं पढ़ी जाती है लेकिन गुसल या गुस्ल करते समय अल्लाह का नाम जरुर लिया जाता है ऐसे में गुस्ल की दुआ “बिस्मिल्लाह” कहना चाहिए

  • बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
  • बिस्मिल्लाह अरबी में بِسْمِ ٱللَّٰهِ‎
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